सांसद रहते हुए फर्जी यात्रा भत्ता के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी पाए जाने के बाद राजद के विधायक अनिल सहनी के अयोग्य घोषित होने के बाद खाली हुई कुढ़नी विधानसभा सीट पर हो रहा उप-चुनाव खासा दिलचस्प होता जा रहा है। पहला दिलचस्प मामला महागठबंधन की ओर से सामने आया जब राजद ने अपने कोटे की जीती हुई सीट जदयू के हवाले कर दी। अब इस मुकाबले में दिलचस्पी बढ़ाने का काम मुकेश सहनी की वीआईपी और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम कर रही है। सहनी ने इस उप चुनाव में अपना उम्मीदवार यह कह कर उतार दिया है कि वे भाजपा को बढ़त लेने से रोकना चाहते हैं। दूसरी ओर ओवैसी ने महागठबंधन के परंपरागत मतदाताओं में सेंध लगाने के लिए कुढ़नी में अपना उम्मीदवार उतार दिया है। यानी अब यह साफ हो गया है कि कुढ़नी में चुनावी जीत हासिल करने की राह किसी के लिए भी आसान नहीं होने वाली है क्योंकि सहनी और ओवैसी ने राजग और महागठबंधन की राहों में कांटे बिछाने की पूरी तैयारी कर ली है।
कुढ़नी विधानसभा उप चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख से एक दिन पहले अब तक चार नामांकन दाखिल हो चुके हैं। यहां के लिए एआईएमआईएम ने ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस के सदस्य गुलाम मुर्तजा अंसारी को अपना उम्मीदवार बनाया है। अंसारी के नाम का ऐलान होने के बाद एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष व बिहार विधानसभा के सदस्य अख्तरूल ईमान ने कहा कि पार्टी ने कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशी के नाम का जो ऐलान किया है वह कतई कागजी खानापूर्ति नहीं है बल्कि चुनाव में हम अपनी पूरी ताकत लगा देंगे। दूसरी ओर सहनी की विकासशील इंसान पार्टी ने निलाभ कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है। ये दोनों निश्चित ही महागठबंधन के उम्मीदवार मनोज कुशवाहा और भाजपा के प्रत्याशी केदार प्रसाद गुप्ता की राहों में जम कर कांटे अवश्य बिछाएंगे और भले ही यह अपनी जीत सुनिश्चित ना कर सकें लेकिन दूसरों का खेल बिगाड़ने में निर्णायक भूमिका अवश्य ही निभाएंगे।


























