नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विवाद के मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज एक बार फिर सुर्खियों में है। दिल्ली पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब जंतर-मंतर पर हुई कथित मारपीट, सोशल मीडिया पर किए गए दावों और राजनीतिक संपर्कों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
कौन है स्वतंत्र भारद्वाज?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्वतंत्र भारद्वाज मूल रूप से बिहार के पटना का रहने वाला है और दिल्ली में रहता है। वह सोशल मीडिया पर सक्रिय है और विभिन्न सार्वजनिक मुद्दों, खासकर हिंदुत्व से जुड़े विषयों पर अपनी राय रखता रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। वह खुद को एक एक्टिविस्ट और गोरक्षक के रूप में भी पेश करता रहा है।
जंतर-मंतर पर क्या हुआ था?
मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज और कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान एक प्रदर्शनकारी के पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई। पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित लोगों को थाने ले जाया गया।
मामले में स्वतंत्र भारद्वाज के अलावा सूरज कुमार का नाम भी आरोपी के तौर पर सामने आया था। शुरुआती कार्रवाई के बाद दोनों को जमानती धाराओं के तहत छोड़े जाने की बात सामने आई थी।
विवाद दोबारा क्यों बढ़ा?
करीब ढाई महीने बाद सोशल मीडिया और एक पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े कथित बयानों के सामने आने के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया। उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन भी हुआ। आरोप लगाया गया कि पॉडकास्ट में उसने जंतर-मंतर की घटना को लेकर कुछ दावे किए थे। हालांकि, उसके बयानों और घटना के वास्तविक तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच का विषय है।
अब क्या कार्रवाई हुई?
मामले को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन और एफआईआर में धाराएं बढ़ाने की मांग के बीच दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है। पुलिस अब मामले में उसके कथित बयानों, पहले दर्ज केस और जंतर-मंतर की घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
फिलहाल यह मामला जांच के स्तर पर है। स्वतंत्र भारद्वाज पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।


























