खगड़िया : खगड़िया कुम्हार( प्रजापति) सामाज को अनुसुचित जाति में बिहार सरकार ओर केंन्द्र सरकार जल्द करें शामिल, नहीं तो आन्दोलन तेज किया जायेगा उक्त बातें खगड़िया समाहरणालय पर एक दिवसीय धरना- प्रर्दशन के सभा को संबोधित करते बिहार कुम्हार (प्रजापति) समन्वय समिति शाखा खगड़िया के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा!बिहार कुम्हार ( प्रजापति) समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष रूपेश कुमार उर्फ मंटु पंडित ने कहा की बिहार में कुम्हार प्रजापति सामाज की जनसंख्या 90 लाख रहने के वावजूद बिहार सरकार हमारी चिर परिचित मांगों को पूरा करने में विफल साबित हो रही है.
अध्यक्ष ने कहा की सात सुत्री मांगों को लेकर हमलोग धरना- प्रर्दशन कर बिहार सरकार को अगाह करने चाहते है की हमारी मांग पूरा करें! इधर जिला सचिव कन्हैयालाल पंडित ने कहा की बिगुल फुंक चुकी है, हमलोग बिहार सरकार को सात सुत्री मांगों के माध्यम से कुम्हार प्रजापति को अनुसुचित जाति में शामिल करे , बिहार माटी कला बोर्ड की गठन करे ! वहीं मिडिया प्रवक्ता सिकन्दर आजाद वक्त ने कहा की पुरे प्रदेश स्तर पर सात सुत्री मांगों को लेकर धरना- प्रदर्शन की जी रही है मिडिया प्रवक्ता ने कहा की आने वाले दिनों में अगर मागें पुरा नहीं किया जाता है आन्दोलन ओर भी तेज किया जायेगा.
वहीं धरना- प्रर्दशन को संयुक्त सचिव नटवर लाल पंडित,अलौली प्रखंड अध्यक्ष सतेंद्र पंडित, प्रखंड सचिव उमेश पंडित, जिला कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश पंडित, चन्द शेखर पंडित, के अलावे नकुल पंडित, प्रमोद पंडित, तरुण कुमार, राजेश कुमार पंडित, अरुण पंडित, रमेश प्रजापति, सुधीर पंडित, अधिवक्ता रोहित पंडित, सुधीर पंडित, नंदकिशोर पंडित, गणेश कुमार, शनिदेव पंडित, राजाराम पंडित, रौशन कुमार, प्रेम जीत प्रजापति, सुभाष कुमार, शंकर पंडित, नवीन कुमार पंडित, रामकिंकर पंडित, अधिवक्ता भूषण पंडित, नाथो पंडित, पूर्व जिला अध्यक्ष विनय कुमार पंडित, रमेश कुमार, शशि कुमार, अरविंद पंडित, पूर्व जिला उपाध्यक्ष अशोक पंडित, अजीत पंडित, ओमप्रकाश पंडित आदि ने संबोधित किया! मौके पर विनिता देवी, पिंकी कुमारी, गायत्री प्रजापति, पूनम देवी, ज्योति भारती, पार्वती देवी संगीता देवी, जय माला देवी, चम्पा देवी, शोभा देवी, राधा देवी, अरूला देवी, रंजना देवी, संगीता देवी, देवराज कुमार, साजन पंडित, कमल पंडित, रौशन पंडित, किरण देव पंडित, राजीव कुमार, रंजीत कुमार, शंकर पंडित, संजीव कुमार, शिवू कुमार, प्रमोद पंडित, राजकिशोर पंडित, आदि सैकड़ों प्रजापति उपस्थित थे.


























