बक्सर। कई बार यह देखने को मिलता है कि गंभीर बीमारियों से जुझने वाले मरीज को ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। यह इंतजार कई कारणों से हो सकता है। किसी की माली हालत ठीक नहीं होती, तो किसी का शरीर बीमारी तो झेल लेता है, लेकिन ऑपरेशन की जटिलताओं को झेलने के लिए उनका शरीर पूरी तरह से तैयार नहीं होता। ऐसी ही एक कहानी है, आठ वर्षीय आरव त्रिपाठी की। जिसको अपने दिल में छेद के सफल ऑपरेशन के लिए सात साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। आरव त्रिपाठी के दिल में जन्म से ही छेद था। जिसकी जानकारी उसके माता पिता को शुरुआत से ही थी। लेकिन, उस वक्त शिशु अवस्था में चिकित्सकों ने ऑपरेशन कराने की राय नहीं दी। चिकित्सकों ने उसके माता-पिता को बताया कि जब आरव सात-आठ साल का हो जाएगा, तब ऑपरेशन के सफल होने की संभावना अधिक रहेगी। जिसके बाद उन्होंने इंतजार करने की ठानी। इस बीच आरव बीमार भी रहने लगा। कभी कभी उसकी तबियत काफी बिगड़ जाती। जिससे परिजन काफी परेशान हो जाते। लेकिन, लंबे इंतजार के बाद भी उसका परिणाम सुखद रहा। आरव के दिल का ऑपरेशन भी हुआ और आज वह पूरी तरह से स्वस्थ है।(बक्सर: बाल हृदय योजना)

Mumbai Taj Hotel Bomb Threat: ताज होटल को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस अलर्ट, जांच तेज
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई स्थित प्रतिष्ठित ताज महल पैलेस होटल को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। धमकी

























