पटना: बिहार विधान परिषद में एक बयान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एमएलसी सुनील कुमार सिंह के कथित बयान—“सदन की कार्रवाई के अंतिम दिन ऑर्डर से शराब मंगवाएंगे”—ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छेड़ दी। बयान सामने आते ही राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई और सदन का माहौल गरमा गया।
जनता दल (यूनाइटेड) के एमएलसी नीरज कुमार ने इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा बयान गैर-जिम्मेदाराना है और सदन की गरिमा के प्रतिकूल है। नीरज कुमार ने दलील दी कि जनप्रतिनिधि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति निष्ठा की शपथ लेते हैं, इसलिए सार्वजनिक मंच से इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित प्रावधानों के तहत ऐसे बयान पर दंड का प्रावधान हो सकता है और जनप्रतिनिधियों को अपने शब्दों के चयन में अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
आपत्ति के बाद सदन में माहौल और तनावपूर्ण हो गया। जवाब में सुनील कुमार सिंह ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि जदयू ने ‘किंग महेंद्र’ नामक व्यक्ति से पांच वर्षों में 99 लाख रुपये लिए। इस आरोप से सत्ता पक्ष के सदस्य आक्रोशित हो उठे और सदन में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। कार्यवाही के दौरान कई बार व्यवधान की स्थिति बनी।
स्थिति को संभालने के लिए उपसभापति रामबचन राय ने हस्तक्षेप किया और सुनील कुमार सिंह को संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनील कुमार सिंह ने कहा, “हमाम में सभी नंगे हैं,” जिससे विवाद और गहरा गया।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रकरण लोकतांत्रिक संस्थाओं में भाषा और आचरण की मर्यादा पर फिर से बहस खड़ा करता है। फिलहाल दोनों पक्षों की बयानबाजी जारी है और आने वाले दिनों में इस विवाद के राजनीतिक असर पर नजर रहेगी।

























