वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने स्पष्ट किया है कि देश के पास पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार मौजूद है और अगले दो महीनों के लिए आपूर्ति पहले से सुनिश्चित कर ली गई है।(भारत के पास पर्याप्त भंडार)
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें हाल के दिनों में तेजी से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जबकि कुछ महीने पहले यह लगभग 70 डॉलर के आसपास थी। इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उत्पाद शुल्क में कटौती जैसे कदम उठाए हैं, जिससे महंगाई का सीधा असर आम जनता पर नहीं पड़े।
सरकार का कहना है कि देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और ईंधन आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं है। इसके अलावा, उज्ज्वला योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को पांच किलो के एलपीजी सिलेंडर की सुविधा भी लगातार उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे कमजोर वर्गों को राहत मिल रही है।
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इसी के साथ कृषि क्षेत्र को लेकर भी स्थिति संतुलित बनी हुई है। कृषि मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव Maninder Kaur Dwivedi ने बताया कि खरीफ सीजन के लिए बीज और अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। इस सीजन के लिए अनुमानित 166 लाख क्विंटल से अधिक बीज की जरूरत को ध्यान में रखते हुए राज्यों के साथ समन्वय कर स्टॉक तैयार रखा गया है।
सब्जियों की कीमतों पर भी सरकार लगातार नजर बनाए हुए है और फिलहाल टमाटर, आलू और प्याज जैसे जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमतें नियंत्रण में हैं। मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल से आपूर्ति से जुड़ी छोटी-मोटी समस्याओं का भी समाधान समय पर किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, वैश्विक संकट के बावजूद भारत ने ईंधन और कृषि आपूर्ति को स्थिर रखते हुए अर्थव्यवस्था को संतुलित बनाए रखने में सफलता हासिल की है।

























