समस्तीपुर। समस्तीपुर से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद और देश की सबसे युवा सांसद शांभवी चौधरी सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MPLADS) को लेकर चर्चा में हैं। दो साल बीत जाने के बावजूद उनके द्वारा सांसद निधि से कोई राशि खर्च न किए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि एमपी फंड खर्च करना उनका संवैधानिक अधिकार है और वे किसी भी तरह के राजनीतिक या विपक्षी दबाव में आकर फंड का उपयोग नहीं करेंगी।
समस्तीपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में शांभवी चौधरी ने कहा कि सांसद निधि से होने वाले विकास कार्यों का निर्णय पार्टी और एनडीए कार्यकर्ताओं की सहमति से लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कार्यकर्ता यह तय नहीं करेंगे कि किस क्षेत्र में और किस मद में राशि खर्च की जानी चाहिए, तब तक फंड का उपयोग नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि निधि का उद्देश्य केवल राशि खर्च करना नहीं, बल्कि उसे सही दिशा में और जरूरतमंद क्षेत्रों तक पहुंचाना है।
सांसद ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विकास को लेकर एक झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की जा रही है, जो सफल नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि अगर क्षेत्र में विकास नहीं हुआ होता, तो एनडीए को पिछले विधानसभा चुनाव में इतनी बड़ी जीत नहीं मिलती। शांभवी चौधरी ने कहा कि जनता ने विकास और विश्वास के आधार पर एनडीए को समर्थन दिया है।
गौरतलब है कि सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि योजना के तहत प्रत्येक सांसद को सालाना 5 करोड़ रुपये की राशि दी जाती है, जिसका उपयोग स्कूल, सड़क, अस्पताल, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए किया जाता है। शांभवी चौधरी का कहना है कि वे इस फंड का उपयोग पूरी योजना, प्राथमिकता और पारदर्शिता के साथ करेंगी, ताकि इसका वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंच सके।
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