रांची। झारखंड की राजनीति और प्रशासन के लिहाज से शुक्रवार का दिन बेहद अहम रहा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड कैबिनेट के बड़े फैसले रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में आयोजित हुई। इस बैठक में राज्यहित से जुड़े कुल 30 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद कैबिनेट सचिव वंदना दाड़ेल ने प्रेस ब्रीफिंग कर फैसलों की विस्तृत जानकारी दी।(झारखंड कैबिनेट के बड़े फैसले)
कैबिनेट के प्रमुख निर्णयों में झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की तारीख तय करना शामिल है। राज्य का बजट सत्र 18 फरवरी से शुरू होकर 19 मार्च तक चलेगा। इस दौरान सरकार आगामी वित्तीय वर्ष का बजट पेश करेगी और विकास से जुड़ी नीतियों पर चर्चा होगी।
कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के सभी 606 पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने को मंजूरी दी गई है। इस योजना पर करीब 134 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार का मानना है कि इससे अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी।
बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी कैबिनेट ने कई अहम परियोजनाओं को हरी झंडी दी। बोकारो के जैनामोड़ से फुसरो पथ निर्माण के लिए 157 करोड़ रुपये, पलामू में रोप-वे निर्माण के लिए 114 करोड़ रुपये, चतरा–चौपारण पथ के लिए 35 करोड़ रुपये और तेलों–तरंगा पथ के लिए 81 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा गोड्डा जिले की सैदापुर बियर योजना को भी मंजूरी मिली।
शिक्षा क्षेत्र में जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय और रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में पदों के पुनर्गठन को स्वीकृति दी गई, वहीं झारखंड विधि आयोग के कार्यकाल के विस्तार का फैसला भी लिया गया।
झारखंड हाईकोर्ट को मिले नए मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनाक ने संभाला पदभार
नारी सशक्तिकरण के तहत “नारी अदालत” योजना को मंजूरी दी गई है, जिसे पहले चरण में 10 पंचायतों में लागू किया जाएगा। इसके अलावा झारखंड मिल्क फेडरेशन के तहत डेयरी प्लांट, स्वास्थ्य बीमा योजना में संशोधन, डीजीपी नियुक्ति नियमावली और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दावोस दौरे को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली है।

























