हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के चंबा और कांगड़ा जिलों में मंगलवार शाम करीब 46 मिनट के अंतराल में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। लगातार दो बार धरती हिलने से चंबा, कांगड़ा और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। कई लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अभी तक भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, पहला भूकंप शाम 6:54 बजे चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में महसूस किया गया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 दर्ज की गई। इसके करीब 46 मिनट बाद 7:40 बजे कांगड़ा क्षेत्र में दूसरा भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 4.0 मापी गई।
चंबा और कांगड़ा में महसूस हुए तेज झटके
पहले भूकंप का केंद्र चंबा क्षेत्र में बताया गया है। वहीं, दूसरे भूकंप का केंद्र कांगड़ा जिले में धर्मशाला और शाहपुर के निकट करेरी क्षेत्र के आसपास बताया गया। इसकी गहराई जमीन के भीतर करीब 5 किलोमीटर थी।
कांगड़ा में आए भूकंप के झटके बैजनाथ, पालमपुर और नूरपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी महसूस किए गए। चंबा के अलावा आसपास के कुछ अन्य जिलों में भी कंपन महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों घटनाओं के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
हिमाचल भूकंप के लिहाज से संवेदनशील
हिमाचल प्रदेश के कई इलाके भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं। कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू और किन्नौर जैसे जिले भूकंपीय रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल हैं।
हिमाचल के इतिहास में 4 अप्रैल 1905 का कांगड़ा भूकंप सबसे विनाशकारी घटनाओं में गिना जाता है। उस समय करीब 7.8 तीव्रता के भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। ऐसे में मंगलवार शाम आए लगातार दो झटकों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। फिलहाल प्रशासन की ओर से किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं दी गई है।


























