पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल तेज हो गया है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 28 मार्च को राज्य के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ ‘अभियोगनामा’ पेश करने की तैयारी की। इस दस्तावेज के जरिए भाजपा ने ममता Banerjee के नेतृत्व वाली सरकार के 15 साल के कार्यकाल पर सवाल खड़े करने का प्रयास किया है।
भाजपा के मुताबिक, इस ‘अभियोगनामा’ में 14 अलग-अलग क्षेत्रों में सरकार की कथित विफलताओं को उजागर किया जाएगा। इसमें भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को प्रमुखता से शामिल किया गया है। पार्टी का दावा है कि राज्य में ‘सिंडिकेट राज’ और अवैध नेटवर्क का प्रभाव बढ़ा है, जिससे आम जनता प्रभावित हो रही है।
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सूत्रों के अनुसार, इस दस्तावेज में भर्ती घोटालों, वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक कमजोरियों के कई उदाहरण भी दिए जाएंगे। भाजपा इसे चुनावी हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हुए मतदाताओं को यह बताने की कोशिश कर रही है कि मौजूदा सरकार ने शासन व्यवस्था को कमजोर किया है।
इसके साथ ही भाजपा एक विस्तृत रिपोर्ट भी जारी करने की योजना बना रही है, जिसमें आंकड़ों और केस स्टडी के जरिए अपने आरोपों को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि सत्ता में आने पर वे कोयला, रेत और पत्थर जैसे संसाधनों के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई करेंगे और पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।
जानकारी के मुताबिक, यह ‘अभियोगनामा’ कोलकाता के न्यू टाउन स्थित एक होटल में जारी किया जाएगा। इसके बाद भाजपा अप्रैल के पहले सप्ताह में अपना ‘संकल्प पत्र’ भी पेश करेगी, जिसमें चुनावी वादों और योजनाओं का विवरण होगा।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। ऐसे में भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।


























